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नक्षत्र कैलकुलेटर — अपना जन्म नक्षत्र जानें

अपना जन्म नक्षत्र (जन्म तारा), पाद, स्वामी ग्रह और चंद्र राशि जानने के लिए अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान दर्ज करें — पूरी तरह मुफ्त।

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नक्षत्र (जन्म तारा) क्या है?

वैदिक ज्योतिष में, नक्षत्र 27 चंद्र गृह हैं — क्रांतिवृत्त के खंड जिनसे चंद्रमा अपनी मासिक कक्षा के दौरान गुजरता है। आपका जन्म नक्षत्र वह नक्षत्र है जिसमें आपके जन्म के सटीक क्षण में चंद्रमा स्थित था। प्रत्येक नक्षत्र राशि चक्र के 13 अंश 20 कला का विस्तार करता है और इसे 4 पादों (चौथाई) में विभाजित किया जाता है। आपका नक्षत्र आपके व्यक्तित्व, स्वभाव और जीवन पथ के गहरे पहलुओं को प्रकट करता है।

आपका नक्षत्र क्यों मायने रखता है?

आपका नक्षत्र आपकी विंशोत्तरी महादशा क्रम निर्धारित करता है — 120 वर्ष का ग्रहीय कालों का चक्र जो आपके जीवन के प्रमुख चरणों को आकार देता है। यह नामकरण संस्कार का आधार भी है, जहां बच्चे के नाम का पहला अक्षर उसके जन्म नक्षत्र से चुना जाता है। विवाह के लिए कुंडली मिलान में, वधू और वर के नक्षत्रों की अष्टकूट (8-कारक) प्रणाली से तुलना की जाती है। अपना नक्षत्र जानने से आपको अपने स्वभाव, आदर्श करियर मार्ग और ग्रहीय प्रभावों को समझने में मदद मिलती है।

27 नक्षत्र और उनके स्वामी

27 नक्षत्र 9 स्वामी ग्रहों (केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, बृहस्पति, शनि, बुध) के दोहराव क्रम में चक्र करते हैं। यह चक्र विंशोत्तरी दशा प्रणाली का आधार है। प्रत्येक नक्षत्र का अपना देवता, प्रतीक, गुण और शुभ कार्य होते हैं। उदाहरण के लिए, अश्विनी (केतु शासित) चिकित्सा और गति से जुड़ा है, रोहिणी (चंद्र शासित) रचनात्मकता और सौंदर्य से, और विशाखा (बृहस्पति शासित) दृढ़ संकल्प और उपलब्धि से।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जन्म नक्षत्र क्या है?

जन्म नक्षत्र वह नक्षत्र है जिसमें आपके जन्म के सटीक समय पर चंद्रमा स्थित था। यह वैदिक ज्योतिष में सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है — यह आपकी महादशा क्रम, नामकरण अक्षर और विवाह के लिए कुंडली मिलान निर्धारित करता है।

कुल कितने नक्षत्र होते हैं?

वैदिक ज्योतिष में 27 नक्षत्र हैं, प्रत्येक 13 अंश 20 कला का विस्तार करता है। वे 9 स्वामी ग्रहों के दोहराव क्रम में चक्र करते हैं, जो विंशोत्तरी दशा प्रणाली का आधार बनाता है।

नक्षत्र और राशि में क्या अंतर है?

राशि 12 राशि चिन्हों में से एक है, प्रत्येक 30 अंश का। नक्षत्र 27 चंद्र गृहों में से एक है, प्रत्येक 13 अंश 20 कला का। प्रत्येक राशि में 2.25 नक्षत्र होते हैं। नक्षत्र व्यक्तित्व और भाग्य के बारे में राशि से अधिक विशिष्ट जानकारी प्रदान करता है।

नक्षत्र स्वामी कैसे निर्धारित होता है?

प्रत्येक नक्षत्र का एक निश्चित स्वामी ग्रह होता है जो दोहराव चक्र में आता है: केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, बृहस्पति, शनि, बुध। यह स्वामी आपकी विंशोत्तरी दशा में पहली महादशा अवधि को नियंत्रित करता है।

क्या सटीक जन्म समय ज़रूरी है?

चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। यदि आपका जन्म दो नक्षत्रों की सीमा के पास हुआ, तो आपका सटीक जन्म समय महत्वपूर्ण है।

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